vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 113: भगवान् के उपदेशका उपसंहार और द्वारकागमन
»
श्लोक d53
श्लोक
14.113.d53
भीमसेनोऽर्जुनश्चैव यमावप्यरिसूदनौ।
पृष्ठतोऽनुययु: कृष्णं मा शब्द इति हर्षिता:॥
अनुवाद
इस प्रकार युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव ने प्रसन्नतापूर्वक श्रीकृष्ण का अनुसरण किया और कहा, "आपको नहीं जाना चाहिए।"
Thus Yudhishthira, Bhima, Arjun, Nakula and Sahadeva joyfully followed Sri Krishna and said, "You should not go."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×