Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.112.d32: पाण्डुनन्दन! पीपल, ब्राह्मण और गौ - ये तीनों मेरे स्वरूप होने से मनुष्य का उद्धार करने वाले हैं, अतः तुम्हें इन तीनों की यत्नपूर्वक पूजा करनी चाहिए। | mahabharat अध्याय 14.112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डुनन्दन! पीपल, ब्राह्मण और गौ - ये तीनों मेरे स्वरूप होने से मनुष्य का उद्धार करने वाले हैं, अतः तुम्हें इन तीनों की यत्नपूर्वक पूजा करनी चाहिए।
Pandunandan! Being my form, Peepal, Brahmin and Cow - these three are the ones who will save the human being, hence you should worship these three diligently.
(दाक्षिणात्य प्रतिमें अध्याय समाप्त)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥