Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.110.d46: श्री भगवान बोले - राजन! यह क्या है? तुम विवेकशील की भाँति मेरी स्तुति क्यों करने लगे? हे धर्मात्मा पुत्र युधिष्ठिर! इसे बन्द करो और पहले जैसे ही प्रश्न पूछो। | mahabharat अध्याय 14.110: सर्वहितकारी धर्मका वर्णन, द्वादशी-व्रतका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरके द्वारा भगवान्की स्तुति । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री भगवान बोले - राजन! यह क्या है? तुम विवेकशील की भाँति मेरी स्तुति क्यों करने लगे? हे धर्मात्मा पुत्र युधिष्ठिर! इसे बन्द करो और पहले जैसे ही प्रश्न पूछो।
Shri Bhagwan said – King! What is this? Why did you start praising me like a discriminating person? Yudhishthir, the virtuous son of men! Close it and ask the same questions as before.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥