Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.110.d34: हे पुरुषोत्तम युधिष्ठिर! उपर्युक्त विधि से मेरी पूजा करने के कारण ही आज इन्द्र आदि सभी देवता स्वर्ग में सुख भोग रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.110: सर्वहितकारी धर्मका वर्णन, द्वादशी-व्रतका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरके द्वारा भगवान‍्की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 110: सर्वहितकारी धर्मका वर्णन, द्वादशी-व्रतका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरके द्वारा भगवान‍्की स्तुति  »  श्लोक d34
 
 
श्लोक  14.110.d34 
एतेन विधिना सर्वे देवा: शक्रपुरोगमा:।
मद्भक्ता नरशार्दूल स्वर्गलोकं तु भुञ्जते॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषोत्तम युधिष्ठिर! उपर्युक्त विधि से मेरी पूजा करने के कारण ही आज इन्द्र आदि सभी देवता स्वर्ग में सुख भोग रहे हैं।
 
Yudhishthir, the best of men! All the gods like Indra are enjoying heavenly happiness today because of worshiping me in the above mentioned manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)