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mahabharat 14.109.d30: इस प्रकार एक माह के बाद चान्द्रायण व्रत पूर्ण होने पर प्रयत्नपूर्वक भक्तिपूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा उन्हें दक्षिणा दें।   |   mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.109.d30 
एवं चान्द्रायणे पूर्णे मासस्यान्ते प्रयत्नवान्।
ब्राह्मणान् भोजयेद्‍भक्त्या दद्याच्चैव च दक्षिणाम्॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार एक माह के बाद चान्द्रायण व्रत पूर्ण होने पर प्रयत्नपूर्वक भक्तिपूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा उन्हें दक्षिणा दें।
 
In this way, after one month, upon completion of the Chandrayan fast, make efforts and with devotion feed the Brahmins and give them Dakshina.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)