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श्लोक  14.107.d52 
लौकिकं वैदिकं वापि तथाऽऽध्यात्मिकमेव वा।
यस्माज्ज्ञानमिदं प्राप्तं तं पूर्वमभिवादयेत्॥
 
 
अनुवाद
सबसे पहले उस गुरु को प्रणाम करना चाहिए जिससे सांसारिक, वैदिक और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ हो।
 
One should first bow to the Guru from whom one has acquired worldly, Vedic and spiritual knowledge.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)