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mahabharat 14.107.d40: दो दिव्य नदियों सरस्वती और दृषद्वती के बीच देवताओं द्वारा निर्मित भूमि को ब्रह्मावर्त कहा जाता है।   |   mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.107.d40 
सरस्वतीदृषद्वत्योर्देवनद्योर्यदन्तरम्।
तद् देवनिर्मितं देशं ब्रह्मावर्त्तं प्रचक्षते॥
 
 
अनुवाद
दो दिव्य नदियों सरस्वती और दृषद्वती के बीच देवताओं द्वारा निर्मित भूमि को ब्रह्मावर्त कहा जाता है।
 
The land created by the gods between the two divine rivers Saraswati and Drishadvati is called Brahmavarta.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)