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श्लोक  14.107.d17 
शूद्रप्रेषणकर्तुश्च ब्राह्मणस्य विशेषत:।
भूमावन्नं प्रदातव्यं श्वशृगालसमो हि स:॥
 
 
अनुवाद
जो ब्राह्मण शूद्र की सेवा करता है, उसे विशेष रूप से भोजन भूमि पर रखना चाहिए; क्योंकि वह कुत्ते या सियार के समान है।
 
A Brahmin who serves a Shudra should especially put food on the ground for eating; because he is just like a dog or a jackal.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)