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mahabharat 14.107.d10: वह आगे की सीट पर बैठता है और पहले भोजन करने का अधिकार रखता है। वह उस पंक्ति में बैठे सभी लोगों को केवल देखकर ही पवित्र कर देता है।   |   mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.107.d10 
एते चाग्रासनस्थास्ते भुञ्जाना: प्रथमं द्विजा:।
तस्यां पङ्‍‍क्‍त्‍यां तु ये चान्ये तान् पुनन्त्येव दर्शनात्॥
 
 
अनुवाद
वह आगे की सीट पर बैठता है और पहले भोजन करने का अधिकार रखता है। वह उस पंक्ति में बैठे सभी लोगों को केवल देखकर ही पवित्र कर देता है।
 
He sits on the front seat and has the right to eat first. He purifies all the people sitting in that row by merely seeing them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)