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mahabharat 14.106.d32: राजा! ब्राह्मण को तिल पीसने वाली मशीन में तिल डालकर उससे तेल नहीं निकालना चाहिए। जो व्यक्ति आसक्तिवश तिल पीसता है, वह स्वयं रौरव नरक में जाता है।   |   mahabharat अध्याय 14.106: भोजनकी विधि, गौओंको घास डालनेका विधान और तिलका माहात्म्य तथा ब्राह्मणके लिये तिल और गन्ना पेरनेका निषेध   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.106.d32 
तिलान् न पीडयेद् विप्रो यन्त्रचक्रे स्वयं नृप।
पीडयन् हि द्विजो मोहान्नरकं याति रौरवम्॥
 
 
अनुवाद
राजा! ब्राह्मण को तिल पीसने वाली मशीन में तिल डालकर उससे तेल नहीं निकालना चाहिए। जो व्यक्ति आसक्तिवश तिल पीसता है, वह स्वयं रौरव नरक में जाता है।
 
King! A Brahmin should not put sesame seeds in the sesame grinding machine and then extract oil from it. One who grinds sesame seeds out of attachment himself goes to the hell of Raurava.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)