Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.104.d6: जो व्यक्ति पारंपरिक वैदिक शास्त्रों और ऋषियों द्वारा प्रतिपादित सत्य शास्त्रों को बिना समझे दोष देता है, उसे भी ब्रह्महत्यारा (ब्राह्मण का हत्यारा) कहा जाता है। | mahabharat अध्याय 14.104: ब्रह्महत्याके समान पापका, अन्नदानकी प्रशंसाका, जिनका अन्न वर्जनीय है उन पापियोंका, दानके फलका और धर्मकी प्रशंसाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
य: प्रवृत्तां श्रुतिं सम्यक् शास्त्रं वा मुनिभि: कृतम्।
दूषयत्यनभिज्ञाय तमाहुर्ब्रह्मघातकम्॥
अनुवाद
जो व्यक्ति पारंपरिक वैदिक शास्त्रों और ऋषियों द्वारा प्रतिपादित सत्य शास्त्रों को बिना समझे दोष देता है, उसे भी ब्रह्महत्यारा (ब्राह्मण का हत्यारा) कहा जाता है।
He who blames the traditional Vedic scriptures and the true scriptures propounded by sages without understanding them is also called a Brahmahatyaara (killer of a brahmin).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥