Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.104.d3: हे भरतनन्दन! जो दुष्टबुद्धि मनुष्य मध्यस्थ और ब्रह्मज्ञानी ब्राह्मण की जीविका छीन लेता है, वह भी ब्रह्महत्या (ब्रह्महत्यारा) कहलाता है। | mahabharat अध्याय 14.104: ब्रह्महत्याके समान पापका, अन्नदानकी प्रशंसाका, जिनका अन्न वर्जनीय है उन पापियोंका, दानके फलका और धर्मकी प्रशंसाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतनन्दन! जो दुष्टबुद्धि मनुष्य मध्यस्थ और ब्रह्मज्ञानी ब्राह्मण की जीविका छीन लेता है, वह भी ब्रह्महत्या (ब्रह्महत्यारा) कहलाता है।
O Bharatanandan! The evil-minded person who snatches away the livelihood of a mediator and a Brahma-knower Brahmin is also called a Brahma-hatya (killer of Brahma).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥