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श्लोक  14.104.d1 
युधिष्ठिर उवाच
इदं मे तत्त्वतो देव वक्तुमर्हस्यशेषत:।
हिंसामकृत्वा यो मर्त्यो ब्रह्महत्यामवाप्नुयात्॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, 'हे प्रभु! कृपया मुझे यह बताइए कि बिना किसी ब्राह्मण को हानि पहुँचाए कोई मनुष्य ब्राह्मण-हत्या के पाप में कैसे सम्मिलित हो सकता है?
 
Yudhishthira asked, 'O Lord! Kindly tell me exactly how a man can be involved in the sin of killing a brahmin without harming any brahmin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)