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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 103: कपिला गौमें देवताओंके निवासस्थानका तथा उसके माहात्म्यका, अयोग्य ब्राह्मणका, नरकमें ले जानेवाले पापोंका तथा स्वर्गमें ले जानेवाले पुण्योंका वर्णन
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श्लोक d57
श्लोक
14.103.d57
एते पूर्वर्षिभि: प्रोक्ता नरा निरयगामिन:।
ये स्वर्गं समनुप्राप्तास्तान् शृणुष्व युधिष्ठिर॥
अनुवाद
प्राचीन काल के ऋषियों ने नरक में जाने वाले लोगों का इस प्रकार वर्णन किया है। युधिष्ठिर! अब स्वर्ग में जाने वालों का वर्णन सुनो।
The sages of ancient times have thus described the people who go to hell. Yudhishthira! Now listen to the description of those who go to heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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