श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 103: कपिला गौमें देवताओंके निवासस्थानका तथा उसके माहात्म्यका, अयोग्य ब्राह्मणका, नरकमें ले जानेवाले पापोंका तथा स्वर्गमें ले जानेवाले पुण्योंका वर्णन  »  श्लोक d20
 
 
श्लोक  14.103.d20 
तस्मात् तु कपिला देया परत्र हितमिच्छता॥
यदा च दीयते राजन् कपिला ह्यग्निहोत्रिणे।
तदा च शृङ्गयोस्तस्या विष्णुरिन्द्रश्च तिष्ठत:।
 
 
अनुवाद
राजन्! अतः जो मनुष्य परलोक में कल्याण चाहता है, उसे कपिला गौ का दान अवश्य करना चाहिए। जब ​​कपिला गौ अग्निहोत्री ब्राह्मण को दान की जाती है, तो उसके सींगों के ऊपरी भाग में भगवान विष्णु और इंद्र निवास करते हैं।
 
‘King! Therefore, a person who wants welfare in the next world must definitely donate a Kapila cow. When a Kapila cow is donated to an Agnihotri Brahmin, Vishnu and Indra reside in the upper part of its horns.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas