Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d83: अपना सारा काम इतनी सावधानी से करो कि कोई अपराध न हो जाए। अगर कोई संन्यासी बीमार पड़ जाए, तो उसके कपड़े धोने के लिए तैयार रहो। उसके लिए दवा लाओ और उसका इलाज करने की कोशिश करो। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रायश्चित्तं यथा न स्यात् तथा सर्वं समाचरेत्॥
व्याधितानां तु प्रयत: चैलप्रक्षालनादिभि:।
प्रतिकर्मक्रिया कार्या भेषजानयनैस्तथा।
अनुवाद
अपना सारा काम इतनी सावधानी से करो कि कोई अपराध न हो जाए। अगर कोई संन्यासी बीमार पड़ जाए, तो उसके कपड़े धोने के लिए तैयार रहो। उसके लिए दवा लाओ और उसका इलाज करने की कोशिश करो।
Do all your work with such caution that no crime is committed. If a Sanyasi falls sick, be prepared to wash his clothes. Bring medicine for him and try to treat him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥