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mahabharat 13.99.d78: जैसे कोई व्यक्ति पानी से कपड़े धोता है, तो कपड़े उस पानी की स्वच्छता के आधार पर साफ हो जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति  »  श्लोक d78
 
 
श्लोक  13.99.d78 
यादृशेन तु तोयेन शुद्धिं प्रकुरुते नर:।
तादृग् भवति तद्धौतमुदकस्य स्वभावत:॥
 
 
अनुवाद
जैसे कोई व्यक्ति पानी से कपड़े धोता है, तो कपड़े उस पानी की स्वच्छता के आधार पर साफ हो जाते हैं।
 
Just as a man washes clothes with water, the clothes become clean depending on the cleanliness of that water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)