Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d38: जो व्यक्ति जल से कुल्ला करता है, वह अपने सिर पर रखे हाथ से भगवान ब्रह्मा को तथा ऊपर की ओर फेंके गए जल से आकाश के अधिष्ठाता देवता को संतुष्ट करता है। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति जल से कुल्ला करता है, वह अपने सिर पर रखे हाथ से भगवान ब्रह्मा को तथा ऊपर की ओर फेंके गए जल से आकाश के अधिष्ठाता देवता को संतुष्ट करता है।
The person who rinses his mouth with water satisfies Lord Brahma with the hand he places on his head and the presiding deity of the sky with the water he throws upwards.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥