Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d35: वह जो जल पहली बार पीता है, उससे ऋग्वेद की पूर्ति होती है, वह जो जल दूसरी बार पीता है, उससे यजुर्वेद की पूर्ति होती है, तथा वह जो जल तीसरी बार पीता है, उससे सामवेद की पूर्ति होती है। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह जो जल पहली बार पीता है, उससे ऋग्वेद की पूर्ति होती है, वह जो जल दूसरी बार पीता है, उससे यजुर्वेद की पूर्ति होती है, तथा वह जो जल तीसरी बार पीता है, उससे सामवेद की पूर्ति होती है।
The water he drinks for the first time satisfies the Rigveda, the water he drinks for the second time satisfies the Yajurveda and the water he drinks for the third time satisfies the Samaveda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥