Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.41: सुरभि बोली: जिस गाय ने आपका कमल ग्रहण किया है, उसके पैरों को बालों की रस्सी से बाँध दिया जाए, ताँबे से मिश्रित धातु से बने बर्तन में उसका दूध दुहा जाए और उसे किसी अन्य गाय के बछड़े से दुहा जाए। | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुरभ्युवाच
बालजेन निदानेन कांस्यं भवतु दोहनम्।
दुह्येत परवत्सेन या ते हरति पुष्करम्॥ ४१॥
अनुवाद
सुरभि बोली: जिस गाय ने आपका कमल ग्रहण किया है, उसके पैरों को बालों की रस्सी से बाँध दिया जाए, ताँबे से मिश्रित धातु से बने बर्तन में उसका दूध दुहा जाए और उसे किसी अन्य गाय के बछड़े से दुहा जाए।
Surabhi said: The cow which has taken your lotus should have its legs tied with a rope made of hair. A milking vessel made of metal mixed with copper should be used for its milking and it should be milked by the calf of another cow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥