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mahabharat 13.96.34: पर्वत ने कहा - जिसने आपका कमल ग्रहण किया है, उसे गांव का मुखिया बनना चाहिए, गधे पर यात्रा करनी चाहिए और पेट भरने के लिए कुत्तों के साथ शिकार करना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  13.96.34 
पर्वत उवाच
ग्रामे चाधिकृत: सोऽस्तु खरयानेन गच्छतु।
शुन: कर्षतु वृत्त्यर्थे यस्ते हरति पुष्करम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
पर्वत ने कहा - जिसने आपका कमल ग्रहण किया है, उसे गांव का मुखिया बनना चाहिए, गधे पर यात्रा करनी चाहिए और पेट भरने के लिए कुत्तों के साथ शिकार करना चाहिए।
 
The mountain said - The one who has taken your lotus should become the head of the village, should travel on a donkey and should hunt with dogs to fill his stomach.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)