Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.29: अम्बरीष ने कहा- जिसने आपका कमल ग्रहण किया है, वह स्वभाव से क्रूर हो जाए। वह स्त्री, बन्धु-बान्धव और गौओं के प्रति अपने धर्म का पालन न करे तथा ब्रह्महत्या के पाप का भागी हो। | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अम्बरीष ने कहा- जिसने आपका कमल ग्रहण किया है, वह स्वभाव से क्रूर हो जाए। वह स्त्री, बन्धु-बान्धव और गौओं के प्रति अपने धर्म का पालन न करे तथा ब्रह्महत्या के पाप का भागी हो।
Ambrish said- The one who has taken your lotus should become cruel by nature. He should not follow his religion towards women, relatives and cows and should be a part of the sin of killing a brahmin.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥