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mahabharat 13.96.24: शुक्र ने कहा - जिसने आपका कमल चुराया है, वह मांस खाने, दिन में मैथुन करने तथा राजा के लिए काम करने का पाप करेगा।   |   mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.96.24 
शुक्र उवाच
वृथामांसं समश्नातु दिवा गच्छतु मैथुनम्।
प्रेष्यो भवतु राज्ञश्च यस्ते हरति पुष्करम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
शुक्र ने कहा - जिसने आपका कमल चुराया है, वह मांस खाने, दिन में मैथुन करने तथा राजा के लिए काम करने का पाप करेगा।
 
Shukra said - The one who has stolen your lotus will be guilty of eating meat, having sexual intercourse during the day and working for the king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)