Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.94: जमदग्नि बोले - कल्याणी ! मैं जगत् की अग्नि से अर्थात् देवताओं द्वारा आहूत अग्नि से उत्पन्न हुआ हूँ, अतः तुम मुझे जमदग्नि नाम से प्रसिद्ध मानो ॥94॥ | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जमदग्नि बोले - कल्याणी ! मैं जगत् की अग्नि से अर्थात् देवताओं द्वारा आहूत अग्नि से उत्पन्न हुआ हूँ, अतः तुम मुझे जमदग्नि नाम से प्रसिद्ध मानो ॥94॥
Jamdagni said – Kalyani! I am born from the fire of the world i.e. the fire called by the gods, hence you should consider me famous by the name Jamadagni. 94॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥