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यातुधान्युवाच
यथोदाहृतमेतत् ते मयि नाम महाद्युते।
दुर्धार्यमेतन्मनसा गच्छावतर पद्मिनीम्॥ ८७॥
अनुवाद
यातुधानि ने कहा, "महर्षि! आपके नाम का अर्थ समझना मेरे लिए अत्यन्त कठिन है। आप भी कमलों से भरे हुए कूप के पास जाइये।" 87
Yaatudhaani said, "Maharshi! It is very difficult for me to understand the meaning of your name. You should also go to the well filled with lotuses." 87
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥