Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.95.26: उस अकाल के दौरान युवा राजकुमार की मृत्यु हो गई। सप्त ऋषि भूख से तड़प रहे थे, इसलिए वे मृत बालक को घेरकर उसके चारों ओर खड़े हो गए।   |   mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  13.95.26 
अस्मिन् कालेऽथसोऽल्पायुर्दिष्टान्तमगमत् प्रभु:।
ते तं क्षुधाभिसंतप्ता: परिवार्योपतस्थिरे॥ २६॥
 
 
अनुवाद
उस अकाल के दौरान युवा राजकुमार की मृत्यु हो गई। सप्त ऋषि भूख से तड़प रहे थे, इसलिए वे मृत बालक को घेरकर उसके चारों ओर खड़े हो गए।
 
During that famine the young prince died. The seven sages were suffering from hunger, so they surrounded the dead boy and stood around him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)