Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.2: भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! जो लोग वैदिक व्रतों का पालन नहीं करते, वे ब्राह्मण की इच्छा पूरी करने के लिए श्राद्ध में भोजन कर सकते हैं; किन्तु जो लोग वैदिक व्रतों का पालन कर रहे हैं, यदि वे किसी के कहने पर श्राद्ध में भोजन करते हैं, तो उनका व्रत भंग हो जाता है।" | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! जो लोग वैदिक व्रतों का पालन नहीं करते, वे ब्राह्मण की इच्छा पूरी करने के लिए श्राद्ध में भोजन कर सकते हैं; किन्तु जो लोग वैदिक व्रतों का पालन कर रहे हैं, यदि वे किसी के कहने पर श्राद्ध में भोजन करते हैं, तो उनका व्रत भंग हो जाता है।"
Bhishma said, "Yudhishthira! Those who do not follow the Vedic fasts can eat food in Shraddha to fulfill the wish of a Brahmin; but those who are following the Vedic fasts, if they eat food in Shraddha on someone's request, then their fast is broken."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥