Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.18: युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! लोग ब्राह्मणों को नाना प्रकार की वस्तुएँ दान करते हैं। दान देने वालों और दान लेने वालों में क्या विशेषता है?॥18॥ | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! लोग ब्राह्मणों को नाना प्रकार की वस्तुएँ दान करते हैं। दान देने वालों और दान लेने वालों में क्या विशेषता है?॥18॥
Yudhishthira asked - Grandfather! People donate various kinds of things to Brahmins. What is the specialty of the people who give donations and those who receive donations?॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥