Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.131: पशुशाख ने कहा: जिसने कमल-तंतु चुराए हैं, उसे अगले जन्म में भी दास के घर में जन्म लेने, संतानहीन और दरिद्र होने तथा देवताओं को नमस्कार न करने का पाप लगेगा। | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पशुशाख ने कहा: जिसने कमल-तंतु चुराए हैं, उसे अगले जन्म में भी दास के घर में जन्म लेने, संतानहीन और दरिद्र होने तथा देवताओं को नमस्कार न करने का पाप लगेगा।
Pashusakh said: He who has stolen the lotus-strings will incur the sin of being born in a slave's home, being childless and poor, and not offering obeisance to the gods in his next life too.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥