Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.130: जो स्त्री मृणाल चुरा ले गई है, वह अकेले भोजन करने, दूसरों की सेवा करते हुए वृद्ध होने तथा पापकर्म करके मृत्यु को प्राप्त होने के पाप की भागी होगी॥130॥ | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो स्त्री मृणाल चुरा ले गई है, वह अकेले भोजन करने, दूसरों की सेवा करते हुए वृद्ध होने तथा पापकर्म करके मृत्यु को प्राप्त होने के पाप की भागी होगी॥130॥
The woman who has stolen the Mrinal will be guilty of the sin of cooking and eating alone, of growing old while serving others, and of meeting death by committing sinful acts.॥ 130॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥