Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.124: विश्वामित्र बोले - जिसने इन कमलों को चुराया है, जिसके गुरु, माता और पिता जीवित रहते हुए भी दूसरे लोगों द्वारा पोषित हैं, जिसका भाग्य खराब है, जिसके बहुत से पुत्र हैं, उसे ये सब पाप करने चाहिए ॥124॥ | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विश्वामित्र बोले - जिसने इन कमलों को चुराया है, जिसके गुरु, माता और पिता जीवित रहते हुए भी दूसरे लोगों द्वारा पोषित हैं, जिसका भाग्य खराब है, जिसके बहुत से पुत्र हैं, उसे ये सब पाप करने चाहिए ॥124॥
Viswamitra said: He who has stolen these lotuses, he whose teacher, mother and father are supported by other men while they are alive, he who has met with a bad fate, he who has many sons, should commit all the sins that he commits. ॥124॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥