Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.123: जिसने कमल की जड़ चुराई है, उसे वही लोक मिलना चाहिए जो उसी गाँव में रहने वाले, उसी कुएँ से जल भरने वाले तथा शूद्र की स्त्री से समागम करने वाले ब्राह्मण को मिलता है ॥123॥ | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिसने कमल की जड़ चुराई है, उसे वही लोक मिलना चाहिए जो उसी गाँव में रहने वाले, उसी कुएँ से जल भरने वाले तथा शूद्र की स्त्री से समागम करने वाले ब्राह्मण को मिलता है ॥123॥
He who has stolen the lotus roots should get the same world that a Brahmin who lives in the same village and draws water from the same well and has sexual intercourse with a Shudra's wife gets. ॥123॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥