Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.12: जो मांस नहीं खाता, वह मांसाहारी माना जाता है और जो सदैव दान देता है, वह पवित्र माना जाता है। जो दिन में नहीं सोता, वह सदा जागता हुआ माना जाता है॥12॥ | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मांस नहीं खाता, वह मांसाहारी माना जाता है और जो सदैव दान देता है, वह पवित्र माना जाता है। जो दिन में नहीं सोता, वह सदा जागता हुआ माना जाता है॥12॥
He who does not eat meat is considered a non-vegetarian and he who always gives charity is considered pure. He who does not sleep during the day is considered to be always awake.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥