Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.93.8: तदनन्तर निमि चतुर्दशी के दिन परम बुद्धिमान पुरुष ने श्राद्ध में अर्पित की जाने वाली समस्त वस्तुओं को एकत्रित किया और केवल अपने पुत्र के शोक की चिन्ता करने लगा। रात्रि बीत जाने पर वह प्रातःकाल उठकर (अमावस्या को श्राद्ध करने के लिए) उठ गया। 8॥ | mahabharat अध्याय 13.93: शोकातुर निमिका पुत्रके निमित्त पिण्डदान तथा श्राद्धके विषयमें निमिको महर्षि अत्रिका उपदेश, विश्वेदेवोंके नाम एवं श्राद्धमें त्याज्य वस्तुओंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर निमि चतुर्दशी के दिन परम बुद्धिमान पुरुष ने श्राद्ध में अर्पित की जाने वाली समस्त वस्तुओं को एकत्रित किया और केवल अपने पुत्र के शोक की चिन्ता करने लगा। रात्रि बीत जाने पर वह प्रातःकाल उठकर (अमावस्या को श्राद्ध करने के लिए) उठ गया। 8॥
Thereafter, on the day of Nimi Chaturdashi, the most intelligent person collected all the things that could be offered in Shraddha and was worried only about the grief of his son. After the night passed, he got up early in the morning (to perform Shraddha on Amavasya). 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥