Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.93.30-37: बल, धृति, विपापमा, पुण्यकृत, पवन, पर्ष्निक्षेम, समूह, दिव्यसनु, विवस्वान, वीर्यवान, हृमाण, कीर्तिमान, कृत, जितात्मा, मुनिवीर्य, दीप्त्रोमा, भारिक, अनुकर्म, प्रतीत, प्रदाता, अंशुमान, शैलभ, परमक्रोधि, धिरोशनी, भूपति, सृज, वज्रि, वारि, विश्वेदेव, विद्युद्वर्च, सोमवर्च, सूर्यश्री, सोमपा, सूर्यसावित्र, दत्तात्मा, पुण्डरीक, उष्णिनाभ, नाभोद, विश्वायु, दीप्ति, चमुहार, सुरेश, व्योमरि, शंकर, भव, ईश, कर्ता, कृति, दक्ष, भुवन, दिव्यकर्मकृत, गणित, पंचवीर्य, आदित्य, रश्मिवान, सप्तकृत, सोमवर्चा, विश्वकृत, कवि, अनुगोप्त, सुगोप्त, नप्त और ईश्वर। इस प्रकार सनातन विश्वदेवों के नाम बताए गए हैं। इन महान आत्माओं को काल की गति जानने वाला कहा गया है। | mahabharat अध्याय 13.93: शोकातुर निमिका पुत्रके निमित्त पिण्डदान तथा श्राद्धके विषयमें निमिको महर्षि अत्रिका उपदेश, विश्वेदेवोंके नाम एवं श्राद्धमें त्याज्य वस्तुओंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बल, धृति, विपापमा, पुण्यकृत, पवन, पर्ष्निक्षेम, समूह, दिव्यसनु, विवस्वान, वीर्यवान, हृमाण, कीर्तिमान, कृत, जितात्मा, मुनिवीर्य, दीप्त्रोमा, भारिक, अनुकर्म, प्रतीत, प्रदाता, अंशुमान, शैलभ, परमक्रोधि, धिरोशनी, भूपति, सृज, वज्रि, वारि, विश्वेदेव, विद्युद्वर्च, सोमवर्च, सूर्यश्री, सोमपा, सूर्यसावित्र, दत्तात्मा, पुण्डरीक, उष्णिनाभ, नाभोद, विश्वायु, दीप्ति, चमुहार, सुरेश, व्योमरि, शंकर, भव, ईश, कर्ता, कृति, दक्ष, भुवन, दिव्यकर्मकृत, गणित, पंचवीर्य, आदित्य, रश्मिवान, सप्तकृत, सोमवर्चा, विश्वकृत, कवि, अनुगोप्त, सुगोप्त, नप्त और ईश्वर। इस प्रकार सनातन विश्वदेवों के नाम बताए गए हैं। इन महान आत्माओं को काल की गति जानने वाला कहा गया है।
Bal, Dhriti, Vipapama, Punyakrit, Pavan, Parshnikshema, Group, Divyasanu, Vivasvan, Veeryavan, Hriman, Kirtiman, Krit, Jitatma, Muniveerya, Deeptroma, Bharik, Anukarma, Pratit, Provider, Anshuman, Shailabh, Paramkrodhi, Dhiroshni, Bhupati, Sraj, Vajri, Vari, Vishvedev, Vidyudvarcha, Somvarcha, Suryashree, Sompa, Suryasavitra, Dattatma, Pundaryak, Ushninabh, Nabhod, Vishvayu, Deepti, Chamuhar, Suresh, Vyomari, Shankar, Bhava, Ish, Karta, Kriti, Daksh, Bhuvan, Divyakarmakrit, Ganita, Panchavirya, Aditya, Rashmivan, Saptakrit, Somavarcha, Vishvakrita, Kavi, Anugopta, Sugopta, Napta and Ishwar. In this way the names of the eternal Vishwadevas have been mentioned. These great souls have been said to know the movement of time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥