Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.90.9: मनुष्य को चाहिए कि वह अनेक पुत्रों की कामना करे, यदि उनमें से एक भी गया नामक पवित्र स्थान पर जाए, जहाँ प्रसिद्ध अक्षयवट वृक्ष है, जो श्राद्ध के फल को चिरस्थायी बनाता है।॥9॥ | mahabharat अध्याय 13.90: श्राद्धमें पितरोंके तृप्तिविषयका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनुष्य को चाहिए कि वह अनेक पुत्रों की कामना करे, यदि उनमें से एक भी गया नामक पवित्र स्थान पर जाए, जहाँ प्रसिद्ध अक्षयवट वृक्ष है, जो श्राद्ध के फल को चिरस्थायी बनाता है।॥9॥
One should aspire to have many sons, if even one of them visits the holy place of Gaya, where the famous Akshayvat tree exists, which makes the fruits of Shraddha everlasting.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥