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mahabharat 13.9.8: हे भारत! इस विषय में विद्वान पुरुष सियार और वानर के संवाद के रूप में इस प्राचीन कथा का उदाहरण देते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.9: ब्राह्मणको देनेकी प्रतिज्ञा करके न देने तथा उसके धनका अपहरण करनेसे दोषकी प्राप्तिके विषयमें सियार और वानरके संवादका उल्लेख एवं ब्राह्मणोंको दान देनेकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 9: ब्राह्मणको देनेकी प्रतिज्ञा करके न देने तथा उसके धनका अपहरण करनेसे दोषकी प्राप्तिके विषयमें सियार और वानरके संवादका उल्लेख एवं ब्राह्मणोंको दान देनेकी महिमा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  13.9.8 
अत्रैवोदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
शृगालस्य च संवादं वानरस्य च भारत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! इस विषय में विद्वान पुरुष सियार और वानर के संवाद के रूप में इस प्राचीन कथा का उदाहरण देते हैं।
 
Bharat! The learned men in this regard cite the example of this ancient story in the form of the dialogue between a jackal and a monkey. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)