श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 89: विविध तिथियोंमें श्राद्ध करनेका फल  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  13.89.11 
पञ्चम्यां बहव: पुत्रा जायन्ते कुर्वतां नृप।
कुर्वाणास्तु नरा: षष्ठॺां भवन्ति द्युतिभागिन:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! जो पुरुष पंचमीका पर श्राद्ध करते हैं उनके अनेक पुत्र होते हैं। जो लोग षष्ठी को श्राद्ध करते हैं वे कांति के भागी होते हैं। 11।
 
Nareshwar! Men who perform Shraddha on Panchmika have many sons. People who perform Shraddha on Shashthi are partakers of Kanti. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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