Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.87.20: तब ऋषिगण देवताओं के साथ मिलकर तीनों लोकों में अग्निदेव की खोज करने लगे। सभी का मन अग्निदेव पर केन्द्रित था और वे सभी अग्निदेव के दर्शन करना चाहते थे। | mahabharat अध्याय 13.87: ब्रह्माजीका देवताओंको आश्वासन, अग्निकी खोज, अग्निके द्वारा स्थापित किये हुए शिवके तेजसे संतप्त हो गंगाका उसे मेरुपर्वतपर छोड़ना, कार्तिकेय और सुवर्णकी उत्पत्ति, वरुणरूपधारी महादेवजीके यज्ञमें अग्निसे ही प्रजापतियों और सुवर्णका प्रादुर्भाव, कार्तिकेयद्वारा तारकासुरका वध । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब ऋषिगण देवताओं के साथ मिलकर तीनों लोकों में अग्निदेव की खोज करने लगे। सभी का मन अग्निदेव पर केन्द्रित था और वे सभी अग्निदेव के दर्शन करना चाहते थे।
Then the sages along with the gods started searching for Agni in the three worlds. All their minds were focused on him and they all wanted to see Agnidev.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥