Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.86.54: हे देवताओं के समान तेजस्वी परशुराम! स्वर्ण अविनाशी और शुद्ध है, अतः आप इस उत्तम और शुद्ध वस्तु को श्रेष्ठ ब्राह्मणों को दान करें। | mahabharat अध्याय 13.86: भीष्मजीका अपने पिता शान्तनुके हाथमें पिण्ड न देकर कुशपर देना, सुवर्णकी उत्पत्ति और उसके दानकी महिमाके सम्बन्धमें वसिष्ठ और परशुरामका संवाद, पार्वतीका देवताओंको शाप, तारकासुरसे डरे हुए देवताओंका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे देवताओं के समान तेजस्वी परशुराम! स्वर्ण अविनाशी और शुद्ध है, अतः आप इस उत्तम और शुद्ध वस्तु को श्रेष्ठ ब्राह्मणों को दान करें।
O Parasurama, who is as radiant as the gods! Gold is imperishable and pure, therefore, you should donate this excellent and pure object to the best Brahmins. 54.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥