श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 84: लक्ष्मी और गौओंका संवाद तथा लक्ष्मीकी प्रार्थनापर गौओंके द्वारा गोबर और गोमूत्रमें लक्ष्मीको निवासके लिये स्थान दिया जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.84.4 
गाव ऊचु:
कासि देवि कुतो वा त्वं रूपेणाप्रतिमा भुवि।
विस्मिता: स्म महाभागे तव रूपस्य सम्पदा॥ ४॥
 
 
अनुवाद
गायों ने पूछा - देवी! आप कौन हैं और कहाँ से आई हैं? इस पृथ्वी पर आपकी सुन्दरता की कोई तुलना नहीं है। हे महाभाग! हम आपकी सुन्दरता देखकर अत्यन्त आश्चर्यचकित हैं।
 
The cows asked - Goddess! Who are you and where have you come from? There is no comparison to your beauty on this earth. O great one! We are very surprised at your beauty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)