गाव ऊचु:
अध्रुवा चपला च त्वं सामान्या बहुभि: सह।
न त्वामिच्छाम भद्रं ते गम्यतां यत्र रंस्यसे॥ ११॥
अनुवाद
गौएँ बोलीं, "देवी! आप चंचल हैं। आप कहीं टिकती ही नहीं। इसके अतिरिक्त आपका अनेक लोगों से एक ही सम्बन्ध है; इसीलिए हम आपको नहीं चाहते। आपका कल्याण हो। जहाँ कहीं भी आप सुखपूर्वक रह सकें, वहाँ चली जाएँ।" ॥11॥
The cows said, "Goddess, you are fickle. You never settle down anywhere. Apart from this, you have the same relationship with many people; that is why we do not want you. May you be blessed. Go wherever you can live happily." ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥