श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 84: लक्ष्मी और गौओंका संवाद तथा लक्ष्मीकी प्रार्थनापर गौओंके द्वारा गोबर और गोमूत्रमें लक्ष्मीको निवासके लिये स्थान दिया जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.84.1 
युधिष्ठिर उवाच
मया गवां पुरीषं वै श्रिया जुष्टमिति श्रुतम्।
एतदिच्छाम्यहं श्रोतुं संशयोऽत्र पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - 'पितामह! मैंने सुना है कि लक्ष्मी गोबर में निवास करती हैं; किन्तु मुझे इस विषय में संदेह है; अतः मैं इस विषय में सत्य बात सुनना चाहता हूँ॥ 1॥
 
Yudhishthira said, 'Grandfather! I have heard that Goddess Lakshmi resides in the cow dung; but I have a doubt in this matter; therefore, I wish to hear the truth regarding this.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)