Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.83.43-44: ज्ञान और वैदिक व्रतों में निपुण पुण्यात्मा ब्राह्मणों को चाहिए कि वे अग्नि और गौओं के बीच तथा ब्राह्मणों की सभा में अपने शिष्यों को गोमती विद्या सिखाएँ, जो यज्ञ के समान है। जो व्यक्ति तीन रात्रि तक उपवास करके गोमती मंत्र का जप करता है, उसे गौओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 13.83: गौओंका माहात्म्य तथा व्यासजीके द्वारा शुकदेवसे गौओंकी, गोलोककी और गोदानकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ज्ञान और वैदिक व्रतों में निपुण पुण्यात्मा ब्राह्मणों को चाहिए कि वे अग्नि और गौओं के बीच तथा ब्राह्मणों की सभा में अपने शिष्यों को गोमती विद्या सिखाएँ, जो यज्ञ के समान है। जो व्यक्ति तीन रात्रि तक उपवास करके गोमती मंत्र का जप करता है, उसे गौओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Virtuous Brahmins who are proficient in knowledge and Vedic vows should teach Gomati Vidya to their disciples in the midst of fires and cows and in the assembly of Brahmins, which is equivalent to Yajna. He who fasts for three nights and chants the Gomati Mantra, gets the blessings of cows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥