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श्लोक 13.83.14  |
ततो ब्रह्मा तु गा: प्रायमुपविष्टा: समीक्ष्य ह।
ईप्सितं प्रददौ ताभ्यो गोभ्य: प्रत्येकश: प्रभु:॥ १४॥ |
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| अनुवाद |
| गौओं को प्रायोपवेशन (मृत्युपर्यन्त व्रत) करते देख ब्रह्माजी ने प्रत्येक गौ को उनकी इच्छित वस्तु दी ॥14॥ |
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| Seeing the cows observing Prayopaveshan (fast till death), Lord Brahma gave each of the cows the thing they desired. ॥14॥ |
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