Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.81.7: महाराज! तपस्या समाप्त होने पर गौएँ सम्पूर्ण जगत् की आश्रय बन गईं; इसलिए वे परम सौभाग्यशाली गौएँ परम पवित्र मानी जाती हैं॥7॥ | mahabharat अध्याय 13.81: गौओंको तपस्याद्वारा अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उनके दानकी महिमा, विभिन्न प्रकारके गौओंके दानसे विभिन्न उत्तम लोकोंमें गमनका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तपसोऽन्ते महाराज गावो लोकपरायणा:।
तस्माद् गावो महाभागा: पवित्रं परमुच्यते॥ ७॥
अनुवाद
महाराज! तपस्या समाप्त होने पर गौएँ सम्पूर्ण जगत् की आश्रय बन गईं; इसलिए वे परम सौभाग्यशाली गौएँ परम पवित्र मानी जाती हैं॥7॥
Maharaj! After the tapasya was over the cows became the shelter of the whole world; therefore those extremely fortunate cows are considered to be extremely pure. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥