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mahabharat 13.81.20: जो मनुष्य सवत्सा गौओं को श्वेत कम्बल के समान रंग के वस्त्र से ढककर कांसे के दूध के पात्र सहित दान करता है, वह साध्य लोक को जाता है ॥20॥   |   mahabharat अध्याय 13.81: गौओंको तपस्याद्वारा अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उनके दानकी महिमा, विभिन्न प्रकारके गौओंके दानसे विभिन्न उत्तम लोकोंमें गमनका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 81: गौओंको तपस्याद्वारा अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उनके दानकी महिमा, विभिन्न प्रकारके गौओंके दानसे विभिन्न उत्तम लोकोंमें गमनका कथन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.81.20 
पाण्डुकम्बलवर्णाभां सवत्सां कांस्यदोहनाम्।
प्रदाय वस्त्रसंवीतां साध्यानां लोकमाप्नुते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य सवत्सा गौओं को श्वेत कम्बल के समान रंग के वस्त्र से ढककर कांसे के दूध के पात्र सहित दान करता है, वह साध्य लोक को जाता है ॥20॥
 
One who covers the Savatsa cows with a cloth which has the color of a white blanket and donates it along with a bronze milk vessel, goes to the world of Sadhyas. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)