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mahabharat 13.81.14: जो मनुष्य बछड़े सहित झाग के समान रंग की गाय और वस्त्र से ढके हुए कांसे के दूध के पात्र का दान करता है, वह वरुणलोक को प्राप्त होता है ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 13.81: गौओंको तपस्याद्वारा अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उनके दानकी महिमा, विभिन्न प्रकारके गौओंके दानसे विभिन्न उत्तम लोकोंमें गमनका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 81: गौओंको तपस्याद्वारा अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उनके दानकी महिमा, विभिन्न प्रकारके गौओंके दानसे विभिन्न उत्तम लोकोंमें गमनका कथन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  13.81.14 
अपां फेनसवर्णां तु सवत्सां कांस्यदोहनाम्।
प्रदाय वस्त्रसंवीतां वारुणं लोकमाप्नुते॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य बछड़े सहित झाग के समान रंग की गाय और वस्त्र से ढके हुए कांसे के दूध के पात्र का दान करता है, वह वरुणलोक को प्राप्त होता है ॥14॥
 
He who donates a cow of the colour of water foam along with a calf and a bronze milk pot, covered with clothes, attains Varunloka. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)