गोमयेन सदा स्नायात् करीषे चापि संविशेत्।
श्लेष्ममूत्रपुरीषाणि प्रतिघातं च वर्जयेत्॥ १९॥
अनुवाद
प्रतिदिन शरीर पर गोबर लगाकर स्नान करना चाहिए। सूखे गोबर पर बैठना चाहिए। उस पर थूकना, मल-मूत्र त्यागना नहीं चाहिए तथा गौ का अपमान नहीं करना चाहिए।॥19॥
‘Every day one should apply cow dung on the body and take a bath. Sit on dried cow dung. Do not spit on it, do not excrete or urinate on it and avoid insulting cows.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥