Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.8.18: लोग मुझे ब्राह्मण-भक्त कहते हैं। मैं उनके कथन से बहुत संतुष्ट हूँ। ब्राह्मणों की सेवा करना सबसे पुण्य कर्म है, सभी पुण्यों में सबसे पुण्य है॥18॥ | mahabharat अध्याय 13.8: श्रेष्ठ ब्राह्मणोंकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोग मुझे ब्राह्मण-भक्त कहते हैं। मैं उनके कथन से बहुत संतुष्ट हूँ। ब्राह्मणों की सेवा करना सबसे पुण्य कर्म है, सभी पुण्यों में सबसे पुण्य है॥18॥
People call me a devotee of Brahmins. I am very satisfied with their statement. Serving Brahmins is the most pious act, the most pious of all pious acts.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥